📑 विषय सूची
- • Introduction (प्रस्तावना)
- • Detailed Theory (with Sub Heading)
- ↳ 1. भारत के भौतिक प्रदेश (Physiographic Divisions of India)
- ↳ 2. महत्वपूर्ण नदियाँ और उनके उपनाम (Rivers and Their Nicknames)
- ↳ 3. विश्व व भारत की सर्वोच्च चोटियाँ (Highest Peaks of the World and India)
- ↳ 4. उत्तरी पर्वतीय प्रदेश (Northern Mountain Region)
- ↳ 5. हिमालय की उत्पत्ति के प्रमुख सिद्धांत (Theories of Origin of Himalaya)
- ↳ 6. उत्तरी पर्वतीय प्रदेश का विभाजन (Divisions of Northern Mountain Region)
- • Short Tricks (शॉर्ट ट्रिक्स)
- • Mind Map (माइंड मैप)
- • 20 One liner Questions and Answer in bottom
Introduction (प्रस्तावना)
नमस्ते दोस्तों! प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, State PSC, SSC, NDA, Railway आदि) की तैयारी कर रहे आप सभी जुनूनी और मेहनती छात्रों का स्वागत है। आज हम भारतीय भूगोल (Indian Geography) के सबसे महत्वपूर्ण और आधारभूत अध्याय— "भारत के भौतिक प्रदेश (Physiographic Divisions of India)" और उसके अंतर्गत आने वाले "उत्तरी पर्वतीय प्रदेश (Northern Mountain Region)" पर विस्तार से चर्चा करने जा रहे हैं।
भूगोल कोई रटने वाला विषय नहीं है; यह तो हमारी पृथ्वी और उसके स्वरूप को समझने का एक बहुत ही खूबसूरत विज्ञान है। जब हम भारत की बात करते हैं, तो यह केवल एक देश नहीं है, बल्कि विविधताओं से भरा एक उपमहाद्वीप है। कहीं आसमान को चूमते बर्फीले पहाड़ हैं, तो कहीं उपजाऊ मैदान, कहीं विशाल मरुस्थल है, तो कहीं प्राचीन पठार। क्या आपने कभी सोचा है कि हिमालय जैसा विशाल पर्वत कैसे बना? या हमारे देश का कितना प्रतिशत हिस्सा पहाड़ों या मैदानों से घिरा है?
इस विस्तृत लेख में हम इन सभी भौतिक संरचनाओं और विशेष रूप से उत्तरी पर्वतीय प्रदेश (हिमालय) के निर्माण की पूरी कहानी बहुत ही रोचक और सरल भाषा में समझेंगे। ये नोट्स आपके सिलेबस को पूरी तरह से कवर करेंगे और आपकी परीक्षा में यहाँ से सीधे प्रश्न पूछे जाएंगे। तो चलिए, बिना किसी देरी के इस रोमांचक भौगोलिक यात्रा की शुरुआत करते हैं!
Detailed Theory (with Sub Heading)
1. भारत के भौतिक प्रदेश (Physiographic Divisions of India)
भारत की भूगर्भिक संरचना (Geological Structure) में बहुत अधिक विविधता (Diversity) पायी जाती है। लाखों-करोड़ों वर्षों की भूगर्भिक हलचलों और नदियों द्वारा लाई गई मिट्टी से भारत के धरातल का निर्माण हुआ है। इसी विविधता के कारण भारत में अलग-अलग प्रकार की उच्चावच (Relief) परिस्थितियां देखने को मिलती हैं।
भारत के कुल क्षेत्रफल का भौगोलिक वितरण (Percentage of Landforms): परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है कि भारत का कितना प्रतिशत भाग मैदानी है या कितना पहाड़ी है। इसे आप इस प्रकार याद रखें:
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पर्वत (Mountains): 10.5% (यहाँ ऊंचे पहाड़ आते हैं जैसे हिमालय)
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पहाड़ियाँ (Hills): 18.6% (पर्वतों से कम ऊंचाई वाली संरचनाएं)
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पठार (Plateau): 27.7% (धरातल से उठा हुआ सपाट भाग, जैसे दक्कन का पठार)
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मैदान (Plain): 43.2% (कृषि के लिए सबसे उपयुक्त समतल भाग)
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कुल भाग: 100%
शिक्षक की टिप: इन आंकड़ों को ध्यान से देखें। भारत का सबसे बड़ा हिस्सा मैदानों (43.2%) से घिरा हुआ है, जो हमारी कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है।
भारत के भौतिक और प्राकृतिक प्रदेशों में विभाजन
उच्चावच और भौतिक लक्षणों के आधार पर भारत को 6 भौतिक प्रदेशों (Physiographic Divisions) में बांटा गया है:
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उत्तरी पर्वतीय प्रदेश (Northern Mountain Region)
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उत्तरी मैदानी प्रदेश (Northern Plain Region)
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प्रायद्वीपीय पठारी प्रदेश (Peninsular Plateau Region)
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तटवर्ती मैदानी प्रदेश (Coastal Plain Region)
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द्वीपीय समूह प्रदेश (Island Group Region)
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उत्तर-पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश या मरुस्थलीय प्रदेश (Desert Region)
हालाँकि, कुछ विद्वान और संस्थाएं भारत को मुख्य रूप से 4 प्राकृतिक प्रदेशों (Natural Divisions) में ही बांटते हैं:
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हिमालय प्रदेश (Himalaya Region)
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उत्तरी मैदान व मरुस्थल (Northern Plain and Desert - मरुस्थल को मैदान का ही एक हिस्सा मान लिया जाता है)
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प्रायद्वीपीय पठारी प्रदेश (Peninsular Plateau Region)
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तटवर्ती मैदान व द्वीपीय प्रदेश (Coastal Plains and Island Region - द्वीपों को तट के साथ गिना जाता है)
2. महत्वपूर्ण नदियाँ और उनके उपनाम (Rivers and Their Nicknames)
भौतिक प्रदेशों को पढ़ते समय कुछ नदियों के उपनाम सीधे-सीधे परीक्षा में वन-लाइनर के रूप में आ जाते हैं:
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बंगाल का शोक (Sorrow of Bengal): दामोदर नदी (Damodar River)। यह नदी मानसून में भयंकर बाढ़ लाती थी, इसलिए इसे यह नाम दिया गया।
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बिहार का शोक (Sorrow of Bihar): कोसी नदी (Koshi River)। यह नदी अपना मार्ग (रास्ता) बदलने के लिए कुख्यात है।
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विश्वासघाती नदी (Treacherous River): हुगली नदी (Hooghly River)।
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कर्णाली नदी (Karnali River): यह एक अंतर्राष्ट्रीय नदी है। नेपाल में इसे 'कर्णाली' कहा जाता है, लेकिन जैसे ही यह भारत में प्रवेश करती है, इसे घाघरा नदी (Ghaghara River) के नाम से जाना जाता है।
3. विश्व व भारत की सर्वोच्च चोटियाँ (Highest Peaks of the World and India)
पहाड़ों की बात हो और चोटियों का जिक्र न हो, ऐसा कैसे हो सकता है! आइए देखते हैं दुनिया और भारत की सबसे ऊंची पर्वत चोटियां:
A. माउंट एवरेस्ट (Mount Everest):
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यह विश्व की सबसे ऊँची चोटी है।
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इसकी कुल ऊंचाई 8848 मीटर या 8849 मीटर (लगभग 29,032 फीट) है।
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माउंट एवरेस्ट पर सबसे पहले चढ़ने वाले व्यक्ति एडमंड हिलेरी (Edmund Hillary) थे, जो न्यूजीलैंड (New Zealand) के पर्वतारोही थे।
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एडमंड हिलेरी के साथ उनके तिब्बती गाइड तेनजिंग नोर्गे (Tenzing Norgay) भी थे। ये दोनों सन् 1953 में एवरेस्ट के शिखर पर पहुँचे थे।
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विभिन्न भाषाओं में एवरेस्ट के नाम (Very Important):
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संस्कृत व नेपाली भाषा में: सागरमाथा (Sagarmatha)
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तिब्बती भाषा में: चोमोलुंगमा (Chomolungma)
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चीनी भाषा में: जुमुलंगमा फेंग (Qomolangma Feng)
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B. विश्व की अन्य प्रमुख चोटियाँ:
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विश्व की दूसरी सबसे ऊँची चोटी: K2 (गॉडविन ऑस्टिन) जो काराकोरम श्रेणी में है। यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में स्थित है।
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विश्व की तीसरी सबसे ऊँची चोटी: कंचनजंगा (Kangchenjunga)। यह सिक्किम (भारत) में स्थित है।
C. भारत के संदर्भ में सर्वोच्च चोटियों का कन्फ्यूजन दूर करें:
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भारत की सर्वोच्च चोटी: K2 (चूंकि POK भारत का अभिन्न अंग है)।
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अविवादित भारत (Undisputed India) की सर्वोच्च चोटी: कंचनजंगा चोटी (सिक्किम)।
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अविवादित भारत की पूर्ण रूप से भारत में ही स्थित सर्वोच्च चोटी: नंदा देवी चोटी (उत्तराखंड)। (कंचनजंगा नेपाल और भारत के बॉर्डर पर है, जबकि नंदा देवी पूरी तरह से भारतीय सीमा के अंदर है)।
4. उत्तरी पर्वतीय प्रदेश (Northern Mountain Region)
भारत के उत्तर में एक विशाल पर्वत श्रृंखला है जो एक अभेद्य दीवार की तरह खड़ी है। उत्तरी पर्वतीय प्रदेश को सामान्यतः हिमालय पर्वतीय प्रदेश भी कहा जाता है, क्योंकि इसका सबसे प्रमुख हिस्सा हिमालय (Himalaya) ही है।
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विस्तार (Extension): यह प्रदेश 22° के देशांतरीय विस्तार (Longitudinal Extension) में लगभग 5 लाख वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है।
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निर्माण का समय: हिमालय पर्वत का निर्माण भूगर्भिक इतिहास के तृतीय कल्प (Tertiary Period) में हुआ था।
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पर्वत का प्रकार: हिमालय कोई पुराना पहाड़ नहीं है, बल्कि यह एक नवीन वलित पर्वत (Young Fold Mountain) है। यह अभी भी अपनी युवावस्था में है और इसकी ऊंचाई आज भी धीरे-धीरे बढ़ रही है।
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नदियों का उद्गम: इस पर्वतीय प्रदेश में बहुत से विशाल हिमनद (Glaciers) पाए जाते हैं (जैसे गंगोत्री, यमुनोत्री, सियाचिन)। इन्हीं बर्फ के पहाड़ों के पिघलने से भारत की प्रमुख सदानीरा (साल भर बहने वाली) नदियों का उद्गम होता है।
5. हिमालय की उत्पत्ति के प्रमुख सिद्धांत (Theories of Origin of Himalaya)
इतना विशाल पहाड़ अचानक कैसे बन गया? इस सवाल का जवाब देने के लिए भूगोलवेत्ताओं ने कई सिद्धांत दिए। इनमें से दो सिद्धांत सबसे प्रमुख हैं: (अ) कोबर का भूसंनति सिद्धांत (Geosyncline Theory of Kober) (ब) प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत (Plate Tectonic Theory)
(हमारे आज के इस लेख में हम कोबर के सिद्धांत को विस्तार से समझेंगे)
(अ) कोबर का भूसंनति सिद्धांत (Geosyncline Theory of Kober)
कोबर एक प्रसिद्ध जर्मन भूगोलवेत्ता थे। उनका यह सिद्धांत बहुत ही तार्किक और रोचक है।
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कोबर का मानना था कि "भूसंनति (Geosyncline) पर्वतों का पालना (Cradle of Mountain) होती है।" (पालना मतलब जहाँ बचपन गुजरता है)।
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भूसंनति क्या है? भूसंनति पानी से भरे उस क्षेत्र को कहते हैं जो लम्बा (Long), संकड़ा (Narrow) तथा कम गहरा सागर (Shallow Water Body) होता है।
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कोबर के अनुसार, भूसंनति के दोनों ओर कठोर भूखंड होते हैं जिन्हें अग्रदेश (Foreland) कहा जाता है।
हिमालय कैसे बना (Step-by-Step Kober's Theory):
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टेथिस सागर का अस्तित्व: लगभग 7 करोड़ वर्ष पूर्व, जहाँ आज विशाल हिमालय खड़ा है, वहाँ कभी एक उथला सागर हुआ करता था। इसे टेथिस भूसंनति (Tethys Geosyncline) कहा जाता था।
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अग्रदेश: इस टेथिस सागर के दोनों ओर दो विशाल कठोर भूखंड (अग्रदेश) स्थित थे। उत्तर में अंगारालैंड (Angaraland) और दक्षिण में गोंडवाना लैंड (Gondwanaland) था।
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अवसादों का जमाव: इन दोनों भूखंडों से बहने वाली नदियों ने टेथिस सागर में करोड़ों सालों तक मिट्टी, कंकड़-पत्थर और अवसाद (Sediments) का निक्षेपण (Deposition) किया।
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तल का धंसना और बल का लगना: लगातार जमा हो रहे अवसादों के भारी वजन के कारण टेथिस सागर का तल नीचे की ओर धंसने लगा। जैसे ही यह नीचे गया, दोनों तरफ के भूखंड (अंगारालैंड और गोंडवाना लैंड) एक दूसरे के करीब आने लगे और उन्होंने एक जबर्दस्त दबाव यानी संपीड़न बल (Compressional Force) लगाया।
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वलन (Folding) और पर्वत का निर्माण: जब किसी भी मुलायम चीज पर दोनों तरफ से दबाव पड़ता है, तो वह सिकुड़ कर ऊपर उठने लगती है। बिल्कुल इसी तरह, टेथिस सागर में जमा अवसादों का वलन (Folding) हुआ।
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इसी प्रक्रिया से हिमालय (Himalaya) और चीन के कुनलुन शान (Kunlun Shan) जैसे विशाल वलित पर्वतों का निर्माण हुआ।
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इन दोनों पर्वतों के बीच का जो हिस्सा ज्यादा ऊपर नहीं उठ सका, वह एक समतल पठार बन गया, जिसे आज हम तिब्बत का पठार (Tibetan Plateau) कहते हैं।
6. उत्तरी पर्वतीय प्रदेश का विभाजन (Divisions of Northern Mountain Region)
अध्ययन की सुविधा के लिए उत्तरी पर्वतीय प्रदेश (हिमालय) को आगे दो मुख्य भागों में विभाजित किया जाता है:
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भौगोलिक विभाजन (Geographical Division): इसे उत्तर से दक्षिण की ओर ट्रांस हिमालय, महान हिमालय, मध्य हिमालय और शिवालिक में बांटा जाता है।
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प्रादेशिक विभाजन (Regional Division): नदियों की घाटियों के आधार पर इसे पश्चिम से पूर्व की ओर (पंजाब हिमालय, कुमायूँ हिमालय, नेपाल हिमालय और असम हिमालय) बांटा जाता है। (इनके बारे में हम अगले अध्याय में विस्तार से पढ़ेंगे)।
Short Tricks (शॉर्ट ट्रिक्स)
परीक्षा के तनाव में हम अक्सर आसान तथ्य भी भूल जाते हैं। इसलिए आपके लिए कुछ मजेदार ट्रिक्स:
Trick 1: नदियों के शोक याद रखने की ट्रिक
"दादी बंगाल गई, कोसी बिहार में रुकी"
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दादी - दामोदर नदी -> बंगाल (बंगाल का शोक)
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कोसी - कोसी नदी -> बिहार (बिहार का शोक)
Trick 2: एवरेस्ट के अलग-अलग नाम
"संस्कृत का सागर, तिब्बत का चोमो, चीन की जुमुल"
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संस्कृत/नेपाल - सागरमाथा
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तिब्बत - चोमोलुंगमा
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चीन - जुमुलंगमा फेंग
Trick 3: भारत के भौतिक प्रदेशों का क्षेत्रफल का बढ़ता क्रम
"पर्वत पर पहाड़ी, फिर पठार पर मैदान"
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पर्वत (10.5%) -> पहाड़ियाँ (18.6%) -> पठार (27.7%) -> मैदान (43.2%)
Mind Map (माइंड मैप)
यह माइंड मैप आपके दिमाग में भारत के भौतिक प्रदेशों की एक स्पष्ट छवि (Image) बना देगा। इसे अपने नोट्स में जरूर ड्रा करें:
[भारत की भूगर्भिक संरचना और भौतिक प्रदेश]
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|-- उच्चावच (Relief) का प्रतिशत
| |-- मैदान (Plain) - 43.2%
| |-- पठार (Plateau) - 27.7%
| |-- पहाड़ियाँ (Hills) - 18.6%
| |-- पर्वत (Mountains) - 10.5%
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|-- 6 भौतिक प्रदेश (Physiographic Divisions)
| 1. उत्तरी पर्वतीय प्रदेश
| 2. उत्तरी मैदानी प्रदेश
| 3. प्रायद्वीपीय पठारी प्रदेश
| 4. तटवर्ती मैदानी प्रदेश
| 5. द्वीपीय समूह प्रदेश
| 6. मरुस्थलीय प्रदेश
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|-- हिमालय का निर्माण (Northern Mountain Region)
|-- काल: तृतीय कल्प (Tertiary Period)
|-- प्रकार: नवीन वलित पर्वत (Young Fold Mountain)
|-- सिद्धांत 1: प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत
|-- सिद्धांत 2: कोबर का भूसंनति सिद्धांत
|-- टेथिस सागर (Tethys Geosyncline)
|-- उत्तर: अंगारालैंड / दक्षिण: गोंडवाना लैंड
|-- संपीड़न बल -> हिमालय और कुनलुन शान का निर्माण
|-- मध्य भाग -> तिब्बत का पठार
20 One liner Questions and Answer in bottom
मेरे प्यारे छात्रों, थ्योरी पढ़ने के बाद अब समय है अपने ज्ञान को परखने का। ये 20 वन-लाइनर प्रश्न परीक्षा में आपका बहुत समय बचाएंगे:
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प्रश्न: भारत के कुल क्षेत्रफल का कितना प्रतिशत भाग मैदानी है? उत्तर: 43.2%
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प्रश्न: भारत के कुल क्षेत्रफल का कितना प्रतिशत भाग पर्वतीय है? उत्तर: 10.5%
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प्रश्न: भारत को कुल कितने भौतिक प्रदेशों (Physiographic Divisions) में बांटा गया है? उत्तर: 6
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प्रश्न: बंगाल का शोक किस नदी को कहा जाता है? उत्तर: दामोदर नदी।
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प्रश्न: बिहार का शोक किस नदी को कहा जाता है? उत्तर: कोसी नदी।
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प्रश्न: भारत में प्रवेश करने के बाद नेपाल की कर्णाली नदी को किस नाम से जाना जाता है? उत्तर: घाघरा नदी।
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प्रश्न: विश्व की सबसे ऊँची पर्वत चोटी कौन सी है? उत्तर: माउंट एवरेस्ट (8848/8849 मीटर)।
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प्रश्न: माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाले प्रथम व्यक्ति एडमंड हिलेरी किस देश के थे? उत्तर: न्यूजीलैंड (1953 में)।
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प्रश्न: माउंट एवरेस्ट को नेपाल में किस नाम से जाना जाता है? उत्तर: सागरमाथा।
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प्रश्न: तिब्बती भाषा में माउंट एवरेस्ट का क्या नाम है? उत्तर: चोमोलुंगमा।
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प्रश्न: भारत की सर्वोच्च चोटी कौन सी है? उत्तर: K2 (गॉडविन ऑस्टिन)।
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प्रश्न: पूर्ण रूप से भारत में ही स्थित अविवादित सर्वोच्च चोटी कौन सी है? उत्तर: नंदा देवी चोटी।
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प्रश्न: हिमालय किस प्रकार का पर्वत है? उत्तर: नवीन वलित पर्वत (Young Fold Mountain)।
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प्रश्न: हिमालय का निर्माण भूगर्भिक इतिहास के किस कल्प में हुआ था? उत्तर: तृतीय कल्प (Tertiary Period)।
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प्रश्न: कोबर के अनुसार 'पर्वतों का पालना' (Cradle of Mountain) किसे कहा जाता है? उत्तर: भूसंनति (Geosyncline) को।
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प्रश्न: हिमालय के स्थान पर 7 करोड़ वर्ष पूर्व कौन सा सागर स्थित था? उत्तर: टेथिस सागर (Tethys Geosyncline)।
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प्रश्न: टेथिस सागर के उत्तर में कौन सा कठोर भूखंड (अग्रदेश) स्थित था? उत्तर: अंगारालैंड।
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प्रश्न: टेथिस सागर के दक्षिण में कौन सा कठोर भूखंड (अग्रदेश) स्थित था? उत्तर: गोंडवाना लैंड।
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प्रश्न: हिमालय और कुनलुन शान पर्वतों के बीच में कौन सा पठार बना है? उत्तर: तिब्बत का पठार (Tibetan Plateau)।
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प्रश्न: अध्ययन की दृष्टि से हिमालय को मुख्य रूप से किन दो भागों में विभाजित किया गया है? उत्तर: भौगोलिक विभाजन और प्रादेशिक विभाजन।
अंतिम संदेश (Conclusion): प्यारे विद्यार्थियों, उम्मीद है कि भारत के भौतिक प्रदेश और हिमालय की उत्पत्ति का यह दिलचस्प विषय अब आपके दिमाग में पूरी तरह से छप गया होगा। भूगोल को इसी तरह समझकर पढ़ने से यह विषय कभी बोझ नहीं लगता। इन नोट्स को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें, इन्हें बार-बार रिवाइज करें और माइंड मैप का इस्तेमाल करें। आपकी आगामी परीक्षाओं के लिए हमारी तरफ से आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएँ! (Best of Luck!)